GK अम्ल क्षार तथा लवण Acid Basly and Salt

अम्ल क्षार तथा लवण 
Acid Basly and Salt

अम्ल (Acids) :

वे यौगिक पदार्थ जो स्वाद में ख‌ट्टे होते हैं एवं जिनका जलीय घोल नीले लिटमस को लाल कर देता है अम्ल कहलाते हैं ।

1884 में स्वान्ते आरेनियस ने अम्ल को परिभाषित करते हुए कहा कि अम्ल वह पदार्थ है जो जल के साथ मिश्रित होने के उपरान्त हाइड्रोजन आयन (HT) प्रदान करते हैं।

अम्ल का pH मान 7 से कम होता है।

अम्ल के प्रमुख गुण :

★ अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं। 
★ नीले लिटमस पत्र के वर्ण को लाल कर देते हैं।
★ कुछ धातुओं के साथ अभिकृत होकर हाइड्रोजन प्रदान करते हैं।
★  कार्बोनेटों के साथ अभिक्रिया करके CO2 प्रदान करते हैं।  ★ अम्लों का सर्वोपरि गुणधर्म यह माना जाता था कि वे क्षारकों (भस्मों) को उदासीन कर सकते हैं।

अम्ल 2 प्रकार के होते हैं-

1. ऑक्सी अम्ल
2. हाइड्रो अम्ल

1. ऑक्सी अम्ल :
जिन अम्लों में हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन दोनों की उपस्थिति होती है, वे अम्ल ऑक्सी अम्ल कहलाते हैं।

जैसे- नाइट्रस अम्ल (HNO2), सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4), नाइट्रिक अम्ल (HNO3), फॉस्फोरिक अम्ल (H3PO4)

2. हाइड्रो अम्ल :
ऐसे अम्ल जिनमें हाइड्रोजन उपस्थित रहता है, लेकिन ऑक्सीजन अनुपस्थित होता है, हाइड्रो अम्ल कहलाते हैं। वे

जैसे- हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCL), हाइड्रो आयोडिक अम्ल (HI), हाइड्रो ब्रोमिक अम्ल (HBM), हाइड्रोसायनिक सम्ल (HCN) इत्यादि ।

क्षार (Bast):

वह पदार्थ है जल में मिसित करने के फलस्वरूप हाइड्रॉक्सिल आयन (OH) प्रदान करते हैं, क्षारक कहलाते हैं।
क्षार धातुओं के समान आचरण करने वाले वैसे यौगिक हैं जो अम्लों से अभिक्रिया करके लवण एवं जल बनाते हैं।

क्षारक के प्रमुख गुण :

★ क्षारक स्वाद में कड़वे होते हैं। 
★ छूने पर चिपे-चिपे फिसलने वाली प्रकृति के एवं लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं।
★ क्षारक का सर्वोपरि गुणधर्म यह माना गया कि वे अम्लों को उदासीन कर देते हैं।
★ अम्ल से प्रतिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं।
★ तेल और गंधक को अपने में घुला लेने की क्षमता होती है।
★ क्षारक कार्बनिक पदार्थों को नष्ट कर देते हैं।

लवण (Salt) :
अम्लीय गुण से हाइड्रोजन के पूर्णतः अथवा अंशतः स्थानान्तरण के द्वारा लवण का निर्माण होता है।
"अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया के फलस्वरूप बना दूसरा यौगिक लवण कहलाता है। 

लवण के प्रकार (Types of Salt) : 
सामान्य लवण (Common Salt): सामान्य लवण का निर्माण किसी अम्लीय अणु से हाइड्रोजन परमाणु के पूर्णतः स्थानान्तरण द्वारा होता है। 
जैसे- Nal आदि ।

अम्लीय लवण (Acidic satt) : अम्लीय लवण में एक या एक से अधिक स्थानान्तरण योग्य हाइड्रोजन परमाणु बने रहते हैं। जैसे - NaH SO 4, NaHCO3 3HPO4 आदि । 

भास्मिक लवण (Astry, Salt ) : जो लवण हाईड्रॉक्साइड रखता है। समूह को अपने साथ जैसे - Mg (OH) Cl, (Mg (OH)2 Mg CO3] आदि

क्षारिक, लवण (Basic Salt ) : यह एक सामान्य लवण है और इसका निर्माण कमजोर अम्ल व प्रबल भस्म के माध्यम से होता है। जैसे - Na2B407, Na2204 आदि ।

द्विक लवण (Qouble salt) : यह दो सामान्य लवणों से बना होता है तथा जल में है। घुलकर 2 प्रकार के धातुई आयन निर्गत करता जैसे- पोटाश एलम (K2SO4 Al2, (SO 4 ) 3, 24H2O), मोहर लवण [FeSO4 (NH4) 2504 GH20]

जटिल लवण, Lomplex, Salt]: यह जटिल आयनों के संयोग से बना होता है जिसमें केन्द्रीय धातुई आयन चारों ओर से उदासीन अणुओं अथवा आयनों से घिरा होता है। Dev
जैसे - K4 [ Fe (CN). ], K3Fe (CN),], [Ag (HN3)2] आदि

pH मूल्य (pH - Value) :
इसका पूरा नाम पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन है। 1909 ई० में सॉरेन्सन ने एक नये स्केल को परिभाषित किया जो pH स्केल कहलाता है।
★ इसका मापन pH मापी द्वारी या विशेष सूचकों के रंग परिवर्तन द्वारा किया जाता है।
★ इस मापक्रम में 1 से 14 तक का pH माप ज्ञात कर सकते हैं।
★ pH का मान 7 होने पर उदासीन, 7 से कम होने पर अम्लीय, 7 से अधिक होने पर क्षारीय होता है।

प्रमुख पदार्थों में pH मान
★ चूने का पानी - 10.5 
★ अंडे की सफेदी  व समुद्री जल - 7.8
★ दूध - 6.0 
★ टमाटर का रस - 4.2 
★ मृदु पेय एवं सिरका - 3.0 
★ नीबूं का रस - 2.2
★ मानव लार - 6-4 
★ ब्लैक कॉफी - 5.0

सल्फ्यूरिक अम्ल H2SO4

प्राकृतिक स्त्रोत- हराकसीस उपयोग- पेट्रोलियम शोधन में, विस्फोटक बनाने में, रंग व औषधियाँ बनाने में, संचायक बैटरियों में ।

नाइट्रिक अम्ल HNO3 
प्राकृतिक स्त्रोत- फिटकरी व शीशा उपयोग- औषधियाँ, उर्वरक, फोटोग्राफी मे, विस्फोटक पदार्थ में, अम्ल राज बनाने में, प्रयोगशाला में इत्यादि ।

एसीटिक अम्ल CH3COOH

प्राकृतिक स्त्रोत- फलों के रसो में, सुगन्धित तेलो में उपयोग-विलायक के रूप में, एसीटोन' * बनाने में व खट्टे खाद्य पदार्थ बनाने में

फार्मिक अम्ल
प्राकृतिक स्त्रोत- लाल चीटियों में, बर्रों व बिच्छू में उपयोग- जीवाणुनाशक के रूप में, फलों को संरक्षित व रबर के स्कन्दन में, चमड़ा व्यवसाय में ।

ऑक्जेलिक अम्ल
प्राकृतिक स्त्रोत- सारेल का वृक्ष उपयोग- फोटोग्राफी में, कपड़ों की पाई व रँगाई में, चमड़े के विरंजक के रूप में

बेन्जोइक अम्ल 
प्राकृतिक स्त्रोत- घास, पत्ते, व मूल उपयोग- दवा व खाद्य पदार्थो के रूप में

साइट्रिक अम्ल
प्राकृतिक स्त्रोत- खट्टे फलों में उपयोग- धातु को साफ करने में, खाद्य पदार्थों व दवाओं के बनाने में व कपड़ा उद्योगों में

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