GK रासायनिक अभिक्रियाओं में ऊर्जा - परिवर्तन (Energy Changes in chemical Reactions
रासायनिक अभिक्रियाओं में ऊर्जा - परिवर्तन (Energy Changes in chemical Reactions
रासायनिक अभिक्रियांए, ऊर्जा परिवर्तन के साथ ही उत्पन्न होती हैं, यह अभिक्रिया तब ही उत्पन्न होती है, जब अभिकारकों की ऊर्जा, प्रतिफल की ऊर्जा से अधिक हो ।
सक्रियण ऊर्जा (Activation, Energy) : किसी अभिकारकों को सामान्य अवस्था से उत्तेजित अवस्था में लाने के लिए जितनी अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे उस अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा कहते हैं ।
आबंध ऊर्जा (Band, Energy):
जब किन्ही स्वतंत्र परमाणुओं के बीच परस्पर संयोग करा कर किसी पदार्थ के एक मोल में सभी बंधनो को कराने पर जितनी ऊर्जा उत्सर्जित होती है, उसे उस पदार्थ की बंधन ऊर्जा कहते हैं।
मात्रक - जूल / मोल
संदमक (InliBitous) :
ऐसे पदार्थ जो किसी रासायनिक अभिक्रिया के वेग को कम कर देते हैं, संदमक कहलाते हैं।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया : (Endothermic Reaction)
वह अभिक्रियाएं जिनमें अणुओं को परमाणुओं में तोड़ने के लिए ऊष्मा देनी पड़ती है अर्थात् अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण होता है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
जैसे -: N2 व O2 के मिश्रण को उच्च ताप (3000⁰C) पर गर्म करने से नाइट्रिक आक्साइड का निर्माण होता है।
ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reaction):
वह अभिक्रियाएँ जिनमें अणुओं को परमाणुओं में तोड़ने पर ऊर्जा मुक्त होती है, ऊष्माक्षेपी अभि कहलाती है।
N2 + 3H2 12 NH3 →2 एक मोल 42 गैस आधा मोल ऑक्सीजन गैस के साथ संयोग कर मोल जल बनता है, इस अभिक्रिया कार्बन के 1 मोल को 02 में पूर्णत: जलाने पर 395 किलो जूल ऊष्मा उत्पन्न होती है।
प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया :
(Phato - Chemical Reaction)
कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ प्रकाश उत्पन्ना करती है, जबकि कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ प्रकाश के अवशोषण पर ही होती हैं, ऐसी अभिक्रियाएँ प्रकाश रासायनिक अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
प्रकाश संश्लेषण क्रिया सूर्य का प्रकाश
C6H12O6 +6 H₂O + 602
फोटोग्राफिक फिल्में जो सिल्वर ब्रोमाइड से ढकी रहती है, प्रकाश के सम्पर्क में आते ही रासायनिक अभिक्रिया करती है।
वियोजन (Qissaciation):
ठोस अवस्था में No आयन तथा क्लोराइड आयन सोडियम क्लोराइड में कूलॉमी बलों द्वारा परस्पर दृढतापूर्वक बंधे रहते हैं।
जब ठोस Nacl को जल में घोला जाता है तो आयन परस्पर दृढतापूर्वक जुड़े होते हैं, वे विलयन में गति करने के लिए मुक्त हो जाते हैं। Naca के इस प्रकार से मुक्त Nat एवं ca में टूट की प्रक्रिया को वियोजन कहते हैं। Nad(s) + H2O(I) जानें Not (aq) + CC (aq)
प्रबल विद्युत अपघट्य : A
यौगिकों के लगभग पूर्ण रूप से आयनों में टूट जाने की प्रक्रिया को प्रबल अपघट्य कहते हैं ।
HCL (9) + H2O (I) → Hg O+ (aq) +
दुर्बल विद्युत अपघट्य :
वह यौगिक जिनको जल में डालने पर आंशिक रूप से ही वियोजित होते हैं, दुर्बल विद्युत अपघट्य कहलाते हैं।
एसीटिक अम्ल (CH, COOH) के सभी अणु हाइड्रोनियम एवं एसीटेट आयनों में पूर्ण रूप से वियोजित नहीं होते हैं।
CH3COOH (aq) + H20 (1) एसीटिक अम्ल जल → H3ot (aq) + CH,C00 (aq) हाइड्रोनियम एसीटेट
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