02.01 प्राचीन भारत के इतिहास को जानने के साधन (साहित्यिक साधन) ऋग्वेद

02. 01 प्राचीन भारत के इतिहास को जानने के साधन (साहित्यिक साधन)

भारत मे लिषि उत्पति ई. पू. 2500 मे हो गई थी। मगर हस्तलिपि के प्रमाण चतुर्थ शताब्दी ई. पू. से ही मिलते हैं।
Ⅱ साहित्यिक साधन Ⅱ
A. धार्मिक साहित्य
B. ऐतिहासिक साहित्य
C. अनुवादित साहित्य

A. धार्मिक साहित्य
1. वेद 
वेद –> वेद 4 हैं । (i). ऋग्वेद (सबसे प्राचीन), (ii). यजुर्वेद, (iii). सामवेद, (iv). अथर्ववेद आदि
★ भारत के सबसे प्राचीन ग्रन्थ 'वेद' का शाब्दिक अर्थ "ज्ञान" है । 
★ श्रवण परम्परा में सुरक्षित होने के कारण "श्रुति' कहा गया है।
★ वेदव्यास ने वेदो का संकलन किया था।

2. उपवेद 
प्रत्येक वेद का एक उपवेद है इस प्रकार 4 उपवेद हुए।
(क) आयुर्वेद –> यह ऋग्वेद का उपवेद है तथा औषधि विज्ञान का वर्णन है।
(ख) धनुर्वेद –> यह यजुर्वेद का उपवेद है इसमें युद्ध कला का वर्णन है।
(ग) गान्धर्ववेद –> यह सामवेद का उपवेद है इसमें नृत्य और संगीत की जानकारी है।
(घ) शिल्पवेद –> यह अर्थवेद का उपवेद है। इसमें भवन निर्माण कला का वर्णन है।

2. उपनिषद (800 से 500 ई.पू.)
उपनिषद –> 108 प्रमाणिक है। वेदों के बाद आने के कारण इन्हे वेदान्त भी कहते है। (अर्थ –>  उप = समीप + नि =निष्ठा पूर्वक + सद = बैठना) । 
इनका मुख्य विषय ब्रह्मविद्या 

जैसे मुक्तिकोपनिषद में 108 उपनिषदों का वर्णन है । मगर सर्वाधिक प्राचीन उपनिषदों में केवल 12 उपनिषद हैं। ये 12 उपनिषद ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डुक्य, तैतरीय, ऐतेराय, छान्दोग्य, वृहदारण्यक, श्वेताश्वर तथा कोषितकी हैं।

शंकराचार्य आरम्भिक दस उपनिषदों पर महाभाष्य लिख चुके है। 
"सत्यमेव जयते" राष्ट्रीय वाक्य मुण्डोकोपनिषद से लिया गया है

अरण्यकग्रन्थों से उपनिषदो का विकास हुआ है। अरण्यक अर्थात वन में पढ़ाये जाने के निमित्त या रचना अरण्योनी मानी गई हो

ऋग्वेद का परिचय
1.1 नाम की व्युत्पत्ति
  • "ऋच्" + "वेद" = ऋग्वेद
  • "ऋच्" का अर्थ है स्तुति, मंत्र या प्रशंसा के काव्य।
  • "वेद" का अर्थ है ज्ञान।
  • अतः ऋग्वेद का अर्थ हुआ: "स्तुति के ज्ञान का ग्रंथ" या "प्रशंसात्मक मंत्रों का ज्ञान"।

1.2 रचना काल

  • विद्वानों के अनुसार ऋग्वेद की रचना 1500–1200 ई.पू. के बीच मानी जाती है।
  • परंतु भारतीय परंपरा इसे अनादि (शाश्वत) मानती है — अर्थात, यह सृष्टि के साथ ही अस्तित्व में आया।

1.3 रचयिता

ऋग्वेद किसी एक व्यक्ति द्वारा रचित नहीं है, यह सप्तर्षियों एवं उनके वंशजों की वाणी का संग्रह है। प्रमुख ऋषियों में शामिल हैं:

  • वशिष्ठविश्वामित्रगृत्समदकण्वभारद्वाजअत्रिवामदेवकश्यप आदि।

2. ऋग्वेद की संरचना

2.1 कुल संहिता

  • मंडलों की संख्या: 10
  • सूक्तों की संख्या: 1,028
  • मंत्रों या ऋचाएं की संख्या: लगभग 10,552
  • वर्णन की विधि: पद्य रूप में, अनुष्टुप, गायत्री, त्रिष्टुप, जगती आदि छंदों में।

मंडलों का विभाजन

मंडलप्रमुख ऋषिदेवताविशेषता
1विविधविविधसंग्रहित
2गृत्समदइन्द्र, अग्निसबसे छोटा मंडल
3विश्वामित्रइन्द्र, अग्निगायत्री मंत्र
4वामदेवइन्द्र, अग्निगूढ़ अध्यात्म
5अत्रिमित्र, वरुणयज्ञ पर बल
6भारद्वाजइन्द्र, अग्नियुद्ध व वीरता
7वशिष्ठइन्द्र, वरुण, विष्णुसुदास-10 राजाओं का युद्ध
8कण्वइन्द्र, उषामिश्रित विषय
9सोम पावमानासोमसोम के शुद्धिकरण
10विविधनासत्य, सरस्वतीनासदीय सूक्त, पुरुष सूक्त

ऋग्वेद की संक्षेप में विशेषताएं 
सबसे प्राचीन वेद => ऋग्वेद
वेदों की संख्या => 4 (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद)
मंडलों की संख्या => 10
ऋग्वेद में सूक्तों की संख्या => 1,028
ऋग्वेद में मंत्रों या ऋचाओं की संख्या => 10,552
सबसे पुराना मंडल => द्वितीय मंडल
सबसे नवीन मंडल => प्रथम और दशम मंडल
सबसे बड़ा मंडल => प्रथम मंडल
सबसे छोटा मंडल => दूसरा मंडल
ऋग्वेद का प्रमुख देवता => इन्द्र
अग्नि पर सबसे पहला सूक्त=> प्रथम मंडल, प्रथम सूक्त
केवल सोम देवता को समर्पित मंडल => नवम मंडल
स्त्रियों द्वारा रचित सूक्तों की संख्या => लगभग 12
स्त्री ऋषियाँ => घोषा, लोपामुद्रा, अपाला, शची, कक्षा-वृत्ति 
नासदीय सूक्त => 10.129 (सृष्टि का रहस्य)
पुरुष सूक्त => 10.90 (वर्ण व्यवस्था का विवरण)
ऋग्वेद का प्रमुख छंद => गायत्री, त्रिष्टुप, जगती
भाष्यकार => सायणाचार्य (14वीं शताब्दी)
ऋग्वेद किस लिपि में था? => ब्राह्मी लिपि में नहीं, श्रुति परंपरा में मौखिक रूप से सुरक्षित
ऋग्वेद किस भाषा में है? => वैदिक संस्कृत
शूक्त का हिंदी अर्थ क्या है? => अच्छी उक्ति 
लोपामुद्रा => लोपामुद्रा, विदर्भ राज की पुत्री और अगस्त्य ऋषि की पत्नी थी।

प्रमुख तथ्य (Objective/MCQ Preparation)

विषयविवरण
सबसे प्राचीन वेदऋग्वेद
वेदों की संख्या4 (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद)
ऋग्वेद में सूक्तों की संख्या1,028
ऋग्वेद में मंत्रों की संख्यालगभग 10,552
मंडलों की संख्या10
सबसे पुराना मंडलद्वितीय मंडल
सबसे नवीन मंडलप्रथम और दशम मंडल
सबसे बड़ा मंडलप्रथम मंडल
सबसे छोटा मंडलदूसरा मंडल
ऋग्वेद का प्रमुख देवताइन्द्र
अग्नि पर सबसे पहला सूक्तप्रथम मंडल, प्रथम सूक्त
केवल सोम देवता को समर्पित मंडलनवम मंडल
स्त्रियों द्वारा रचित सूक्तों की संख्यालगभग 12
स्त्री ऋषियाँघोषा, लोपामुद्रा, अपाला, शची, कक्षा वृत्ति 
नासदीय सूक्त10.129 (सृष्टि का रहस्य)
पुरुष सूक्त10.90 (वर्ण व्यवस्था का विवरण)
ऋग्वेद का प्रमुख छंदगायत्री, त्रिष्टुप, जगती
भाष्यकारसायणाचार्य (14वीं शताब्दी)
ऋग्वेद किस लिपि में था?ब्राह्मी लिपि में नहीं, श्रुति परंपरा में मौखिक रूप से सुरक्षित
ऋग्वेद किस भाषा में है?वैदिक संस्कृत

1. ऋग्वेद 1500 से 1000 ई.पू. 
ऋग्वेद –> 1500 से 1000 ई.पू. तथा भरता की सर्वाधिक प्राचीन रचना है। 
इसकी 5 शाखाएं हैं। => सांकल, वाष्कल, अस्वलयन, शांखायन तथा मंडाक्य
सम्पूर्ण ऋग्वेद सहिता में 10 मंडल तथा 1017 सूक्त है।
ऋक - छन्दो तथा चरणों से युक्त मंत्र
ऋग्वेद - मंत्रो की संहिता अर्थात संकलन है।
देवस्तुति के होतृ ऋषियों द्वारा उच्चरित‌ किया जाता था। ऋग्वेद की अनेक संहिताओं में से उपलब्ध सहिता 'शांकल सहितो है । (संहित = संग्रह / संकलन)

सम्पूर्ण सहिता में 10 मंडल 1024 शूक्त, कुलमंत्र संख्या या ऋचाएं 10600 है। 

दो से नवां मंडल प्रमाणिक व शेष को प्रक्षिप्त माना गया है। (अर्थात बाद‌ में जोडे है।)

दशवे मंडल में सर्वप्रथम शूद्रों का उल्लेख हुआ है। दशवे मंडल को पुरुषशूक्त के नाम से जाना जाता है । इसी मंडल में गयत्री/ सावित्री मंत्र का उलेकख है।

नवे मंडल में सोमदेव का उल्लेख है।

परिवार –> गांव –> जन तथा जन का मुखिया राजा होता था। 
ऋग्वेद से आर्यों व अनार्यों के युद्ध का ज्ञान होता है।

ऋग्वेद की प्रत्येक ऋचा के साथ उनके ऋषि तथा देवता का नाम भी दिया गया है।

आठवे मंडल के ऋषि कण्व तथा अंगिरश वंश के थे।

प्रथम, नवें और दसवें मंडल के मूल दृष्टा अनेक ऋषि थे।

ऋग्वेद पर आधारित प्रश्न: 

(प्रश्न 1–200)

प्रश्न 1. ऋग्वेद क्या है?
उत्तर: ऋग्वेद संस्कृत भाषा में रचित सबसे प्राचीन ग्रंथ है, जिसमें देवताओं की स्तुतिपरक ऋचाएँ (मंत्र) संगृहीत हैं। यह चारों वेदों में प्रथम और सबसे पुराना वेद है।

प्रश्न 2. ऋग्वेद में कुल कितने मंडल (अध्याय) हैं?
उत्तर: 10 मंडल

प्रश्न 3. ऋग्वेद में कुल कितनी ऋचाएँ (मंत्र) हैं?
उत्तर: 1028 ऋचाएँ

प्रश्न 4. ऋग्वेद में कुल कितने सूक्त (हाइम्न्स) हैं?
उत्तर: लगभग 10552 मंत्र, जो 1028 सूक्तों में संकलित हैं।

प्रश्न 5. ऋग्वेद का सबसे प्राचीन मंडल कौन-सा माना जाता है?
उत्तर: मंडल 6, 3, और 7 – इन्हें ‘परिवार मंडल’ कहा जाता है क्योंकि इन्हें एक-एक ऋषि-कुल ने रचा है।

प्रश्न 6. ऋग्वेद का दसवां मंडल किस दृष्टि से विशेष है?
उत्तर: यह दार्शनिक विषयों, सृष्टि रहस्य, सामाजिक व्यवस्थाओं (जैसे वर्ण, विवाह, मृत्यु, स्त्री आदि) पर आधारित है। पुरुष सूक्त और नासदीय सूक्त इसी में आते हैं।

प्रश्न 7. ऋग्वेद में 'गायत्री मंत्र' कहाँ मिलता है?
उत्तर: मंडल 3, सूक्त 62, मंत्र 10 में

प्रश्न 8. गायत्री मंत्र किस ऋषि द्वारा रचित है?
उत्तर: महर्षि विश्वामित्र

प्रश्न 9. ऋग्वेद में सबसे अधिक स्तुति किस देवता की की गई है?
उत्तर: इन्द्र (लगभग 250 सूक्त)

प्रश्न 10. ऋग्वेद में अग्नि की स्तुति कितनी बार की गई है?
उत्तर: अग्नि के लिए लगभग 200 सूक्त; पहला मंत्र भी अग्नि को समर्पित है – “अग्निमीळे पुरोहितं

प्रश्न 11. ऋग्वेद का सबसे पहला मंत्र किस देवता को समर्पित है?
उत्तर: अग्नि

प्रश्न 12. ऋग्वेद में 'वरुण' देवता किसके लिए प्रसिद्ध हैं?
उत्तर: नैतिकता, सत्य, ऋतम् (ब्रह्मांडीय व्यवस्था) और व्रतों के पालनकर्ता

प्रश्न 13. ऋग्वेद के अनुसार 'विश्व' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
उत्तर: समस्त जगत, सम्पूर्ण प्रजा या संपूर्ण ब्रह्मांड

प्रश्न 14. ऋग्वेद में 'उषा' देवी किसका प्रतीक हैं?
उत्तर: प्रातःकाल, जागरण, नवचेतना और सौंदर्य की देवी

प्रश्न 15. ऋग्वेद में ‘सोम’ किसका प्रतीक है?
उत्तर: सोमरस – एक यज्ञीय पेय जो इन्द्र, अग्नि आदि देवताओं को प्रिय था; यह शक्ति, उत्साह, और अमरता का प्रतीक है

प्रश्न 16. ऋग्वेद में 'मरुतगण' कौन हैं?
उत्तर: इन्द्र के सहायक वायु के देवता – तूफान, युद्ध और ऊर्जा के प्रतीक

प्रश्न 17. ऋग्वेद के अनुसार 'पूषा' देवता का कार्य क्या है?
उत्तर: यात्रा में मार्गदर्शन, पशु-संपत्ति की रक्षा और सूर्य की किरणों के प्रतीक

प्रश्न 18. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'ऋतम्' शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर: ब्रह्मांड का शाश्वत नियम, धर्म का मूल रूप – जो सब कुछ चलाता है

प्रश्न 19. ऋग्वेद में कितनी देवियों का उल्लेख मिलता है?
उत्तर: कई – जैसे सरस्वती, उषा, अरण्यानी, वाक्, पृथ्वी, आपः, श्रद्धा आदि

प्रश्न 20. ऋग्वेद में ‘सृष्टि’ की उत्पत्ति को लेकर कौन-से प्रसिद्ध सूक्त मिलते हैं?
उत्तर:

  1. पुरुष सूक्त (10.90) – ब्रह्मांडीय पुरुष से सृष्टि
  2. नासदीय सूक्त (10.129) – सृष्टि के रहस्य पर गूढ़ 

प्रश्न 21. ऋग्वेद में कुल कितनी ऋचाएँ हैं?
उत्तर: 10,552 ऋचाएँ

प्रश्न 22. ऋग्वेद की प्रथम ऋचा किस देवता के लिए है?
उत्तर: अग्निदेव

प्रश्न 23. ऋग्वेद में वर्णित सर्वाधिक सूक्त किस देवता को समर्पित हैं?
उत्तर: इन्द्र (लगभग 250 सूक्त)

प्रश्न 24. ऋग्वेद में वर्णित 'नासत्य' नामक देवता कौन हैं?
उत्तर: अश्विनीकुमार

प्रश्न 25. ऋग्वेद की भाषा कौन-सी है?
उत्तर: वैदिक संस्कृत

प्रश्न 26. ऋग्वेद के किस मंडल को 'परिवार मंडल' कहा जाता है?
उत्तर: 2 से 7वें मंडल को

प्रश्न 27. ऋग्वेद का कौन-सा मंडल सबसे पुराना माना जाता है?
उत्तर: 6वाँ मंडल (कुछ विद्वान 7वें को भी मानते हैं)

प्रश्न 28. ऋग्वेद में वर्णित 'पंचजनाः' से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: पाँच प्रमुख आर्य जनजातियाँ

प्रश्न 29. 'दास' और 'दस्यु' शब्द किसे संदर्भित करते हैं?
उत्तर: अनार्य या विरोधी जातियाँ

प्रश्न 30. ऋग्वेद में वर्णित ‘सरस्वती’ नदी का वर्णन किस रूप में हुआ है?
उत्तर: एक प्रमुख, विशाल, पवित्र नदी (नदीत्व के साथ देवीस्वरूपा भी)

प्रश्न 31. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'पुर' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: किला या नगर

प्रश्न 32. 'गवेषणा' शब्द का क्या अभिप्राय है?
उत्तर: गायों की खोज या युद्ध (गौ-संघर्ष)

प्रश्न 33. ऋग्वेद में वर्णित 'दशराज्ञ युद्ध' किस नदी के तट पर लड़ा गया?
उत्तर: परुष्णी नदी (आधुनिक रावी)

प्रश्न 34. दशराज्ञ युद्ध में राजा सुदास का विरोध किसने किया?
उत्तर: दस जनजातियों ने, विशेषतः पुरु और भरतों ने

प्रश्न 35. ऋग्वेद में ‘नदी-स्तुति’ सूक्त किस मंडल में है?
उत्तर: 10वें मंडल में

प्रश्न 36. ऋग्वेद में वर्णित 'विश्वेदेवाः' शब्द का तात्पर्य क्या है?
उत्तर: सभी देवताओं का समष्टिगत समूह

प्रश्न 37. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'ऋतम्' का क्या अर्थ है?
उत्तर: सत्य, धर्म, ब्रह्माण्डीय नियम

प्रश्न 38. ऋग्वेद के किस सूक्त में सृष्टि की उत्पत्ति का रहस्य बताया गया है?
उत्तर: नासदीय सूक्त (10.129)

प्रश्न 39. ऋग्वेद में 'यज्ञ' का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: देवताओं को प्रसन्न करने हेतु कर्म, बलिदान, आहुति

प्रश्न 40. ऋग्वेद के अनुसार सबसे श्रेष्ठ शक्ति किसे माना गया है?
उत्तर: अग्नि, इन्द्र, ब्रह्म (संदर्भ के अनुसार)

प्रश्न 41. ऋग्वेद में 'सामगान' का प्रथम उल्लेख किस रूप में हुआ है?
उत्तर: यज्ञों में गाए जाने वाले मंत्रों के रूप में, विशेषकर सोमयज्ञ में

प्रश्न 42. ऋग्वेद के अनुसार ‘सोम’ क्या है?
उत्तर: एक दिव्य पेय, जिसे यज्ञ में देवताओं को अर्पित किया जाता था

प्रश्न 43. ऋग्वेद में वर्णित 'मित्र' और 'वरुण' किस प्रकार के देवता हैं?
उत्तर: आदित्य देवता; न्याय, व्रत, ऋत और सत्य के रक्षक

प्रश्न 44. ऋग्वेद में किस देवता को 'मरुतों का नेता' कहा गया है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 45. ऋग्वेद में 'द्रविणोदाः' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: धन-दाता यजमानों के लिए

प्रश्न 46. ऋग्वेद में किस स्त्री ऋषि के मंत्र प्राप्त हैं?
उत्तर: घोषा, लोपामुद्रा, आपाला, रोमशा आदि

प्रश्न 47. ऋग्वेद में कुल कितने स्त्री ऋषियों के मंत्र उपलब्ध हैं?
उत्तर: लगभग 20 के आस-पास स्त्री ऋषियों के मंत्र माने जाते हैं

प्रश्न 48. ऋग्वेद में वर्णित 'हिरण्यगर्भ सूक्त' किस विषय पर है?
उत्तर: ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और सृजनकर्ता की स्तुति

प्रश्न 49. 'हिरण्यगर्भः समवर्तताग्रे' किस सूक्त की प्रथम ऋचा है?
उत्तर: हिरण्यगर्भ सूक्त (10.121.1)

प्रश्न 50. ऋग्वेद में वर्णित ‘पुरुष सूक्त’ में किसकी कल्पना की गई है?
उत्तर: ब्रह्माण्डीय पुरुष (Cosmic Being) – जिससे सृष्टि की रचना हुई

प्रश्न 51. ‘वर्ण व्यवस्था’ का सबसे पहला उल्लेख ऋग्वेद के किस सूक्त में है?
उत्तर: पुरुष सूक्त (10.90)

प्रश्न 52. ऋग्वेद के अनुसार ब्राह्मण किस अंग से उत्पन्न हुआ?
उत्तर: मुख से

प्रश्न 53. ऋग्वेद में 'अश्व' और 'रथ' का विशेष महत्त्व क्यों था?
उत्तर: युद्ध, यज्ञ और राजकीय शक्ति के प्रतीक माने जाते थे

प्रश्न 54. ऋग्वेद में किस देवता को 'वज्रधारी' कहा गया है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 55. ऋग्वेद में ‘त्रेतायुग’ और ‘द्वापरयुग’ शब्दों का प्रयोग हुआ है क्या?
उत्तर: नहीं, ऋग्वेद में युगों की स्पष्ट अवधारणा नहीं है

प्रश्न 56. ऋग्वेद में ‘कुश’ शब्द का प्रयोग किस प्रयोजन से हुआ है?
उत्तर: यज्ञ में आसन और बिछावन के रूप में

प्रश्न 57. ऋग्वेद में 'अरण्यानी' सूक्त किससे संबंधित है?
उत्तर: वनदेवी अरण्यानी की स्तुति

प्रश्न 58. ऋग्वेद में ‘सूत’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: रथचालक या कथावाचक

प्रश्न 59. ऋग्वेद में ‘राजा’ शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
उत्तर: जन-प्रधान सभा के नेता या वीर योद्धा

प्रश्न 60. ऋग्वेद में ‘नारी शक्ति’ का सबसे सुंदर उदाहरण कौन सा सूक्त माना जाता है?
उत्तर: घोषा सूक्त, आपाला सूक्त, तथा लोपामुद्रा के संवाद

प्रश्न 61. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'शुचि' शब्द का सामान्य अर्थ क्या है?
उत्तर: पवित्र, उज्ज्वल या निर्मल

प्रश्न 62. ऋग्वेद में 'स्वधा' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: पितरों के लिए की जाने वाली आहुति या शक्ति

प्रश्न 63. ऋग्वेद में ‘प्रजापति’ शब्द का उल्लेख किस रूप में होता है?
उत्तर: सृष्टिकर्ता देवता के रूप में, विशेषकर दसवें मंडल में

प्रश्न 64. ऋग्वेद में कौन-से देवता को ‘शतक्रतु’ कहा गया है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 65. ऋग्वेद में 'वाच्' अर्थात वाणी की स्तुति किस सूक्त में मिलती है?
उत्तर: देवी सूक्त (10.125)

प्रश्न 66. ऋग्वेद में ‘सप्त सिन्धवः’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: सात नदियाँ, विशेषतः पंजाब क्षेत्र की

प्रश्न 67. ऋग्वेद में वर्णित 'गौ' का प्रतीक रूप क्या है?
उत्तर: गाय, प्रकाश, ज्ञान, और समृद्धि का प्रतीक

प्रश्न 68. ऋग्वेद में ‘विश्वामित्र’ कौन थे?
उत्तर: एक महान ऋषि, तीसरे मंडल के प्रमुख द्रष्टा

प्रश्न 69. गायत्री मंत्र किस ऋषि ने देखा था?
उत्तर: विश्वामित्र

प्रश्न 70. गायत्री मंत्र ऋग्वेद के किस मंडल में आता है?
उत्तर: तीसरे मंडल (सूक्त 62, मंत्र 10)

प्रश्न 71. ऋग्वेद में वर्णित ‘कृपण’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: निर्धन या कमजोर व्यक्ति

प्रश्न 72. ऋग्वेद में ‘अहिंसा’ की स्पष्ट शिक्षा मिलती है क्या?
उत्तर: प्रत्यक्ष रूप में नहीं, परंतु देवताओं की कृपा, शांति और ऋतम् की अवधारणा में उसका संकेत है

प्रश्न 73. ऋग्वेद में 'ब्राह्मण' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: मंत्रों का ज्ञाता या यज्ञकर्ता

प्रश्न 74. ऋग्वेद में वर्णित ‘यम’ कौन हैं?
उत्तर: मृत्युलोक के देवता, प्रथम मृतक जो पितरों के मार्ग के प्रवर्तक माने गए

प्रश्न 75. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'अमृत' का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: अमरता प्रदान करने वाला दिव्य पेय या सिद्ध अवस्था

प्रश्न 76. ऋग्वेद में ‘श्री’ शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?
उत्तर: समृद्धि और देवी स्वरूप में

प्रश्न 77. ऋग्वेद में 'ऋतु' किसका द्योतक है?
उत्तर: समय के चक्र, यज्ञ के लिए उपयुक्त काल

प्रश्न 78. ऋग्वेद में ‘वरुण’ देवता किस गुण के लिए प्रसिद्ध हैं?
उत्तर: नैतिकता, ऋत, नियम और व्रत के रक्षक

प्रश्न 79. ऋग्वेद में किस देवता को 'पूषन्' कहा गया है और क्यों?
उत्तर: पूषन् – मार्गदर्शक और यात्रियों के संरक्षक देवता

प्रश्न 80. ऋग्वेद में ‘यज्ञ’ की उत्पत्ति को किस दृष्टि से देखा गया है?
उत्तर: ब्रह्माण्डीय रचना प्रक्रिया और देवताओं के साथ संवाद के माध्यम

प्रश्न 81. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'अप्रति' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: जिसे कोई जीत न सके, अर्थात् अजेय

प्रश्न 82. ऋग्वेद में 'अप्रतिघ्न' विशेषण किस देवता के लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 83. ऋग्वेद में ‘अरण्यानी’ देवी कौन थीं?
उत्तर: वन की देवी, जो वन की नीरवता और जीवन को दर्शाती हैं

प्रश्न 84. ऋग्वेद में ‘उषा’ किसका प्रतीक है?
उत्तर: प्रातःकाल की देवी, जागरण और चेतना का प्रतीक

प्रश्न 85. ऋग्वेद में ‘आदित्य’ शब्द का प्रयोग किन देवताओं के लिए हुआ है?
उत्तर: सत्य और धर्म के रक्षक देवता जैसे मित्र, वरुण, अर्यमा, भग, दक्षा आदि

प्रश्न 86. ऋग्वेद में 'अथर्वण' और 'अङ्गिरस' किन रूपों में वर्णित हैं?
उत्तर: प्राचीन ऋषियों के रूप में, जो यज्ञ-विज्ञान के जानकार थे

प्रश्न 87. ऋग्वेद में 'अग्नि' को किन-किन नामों से पुकारा गया है?
उत्तर: वैश्वानर, जातवेदस्, अनल, अंगिरा आदि

प्रश्न 88. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'ऋचा' का अर्थ क्या है?
उत्तर: एक वैदिक मंत्र या पद

प्रश्न 89. ऋग्वेद में कितने प्रकार के देवता वर्णित हैं?
उत्तर: तीन प्रमुख वर्ग — द्यौ (आकाश), अन्तरिक्ष (वायव्य), पृथ्वी (स्थलीय)

प्रश्न 90. ऋग्वेद में 'सिन्धु' किसे कहा गया है?
उत्तर: नदी; विशेषतः आधुनिक सिंधु नदी, जो शक्तिशाली रूप में वर्णित है

प्रश्न 91. ऋग्वेद में ‘मनु’ किसके रूप में वर्णित हैं?
उत्तर: मानव जाति के आदि प्रवर्तक

प्रश्न 92. ऋग्वेद में ‘वृत्र’ किसका प्रतीक है?
उत्तर: बाधा, अज्ञान, वर्षा को रोकने वाली शक्ति

प्रश्न 93. ऋग्वेद में वृत्र का वध किस देवता ने किया?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 94. ऋग्वेद के अनुसार 'देवता' किनसे शक्ति प्राप्त करते हैं?
उत्तर: यज्ञों और स्तुति/प्रार्थनाओं से

प्रश्न 95. ऋग्वेद में किस नदी को 'सप्तस्वती' कहा गया है?
उत्तर: सरस्वती

प्रश्न 96. ऋग्वेद में ‘पर्जन्य’ देवता का क्या कार्य है?
उत्तर: वर्षा और कृषि संपन्न करने वाले देवता

प्रश्न 97. ऋग्वेद में 'त्वष्टा' किस रूप में वर्णित हैं?
उत्तर: देवताओं के विश्वकर्मा या निर्माणकर्ता

प्रश्न 98. ऋग्वेद में 'नभस्य' शब्द किसका द्योतक है?
उत्तर: आकाश

प्रश्न 99. ऋग्वेद में 'सोम' को क्या-क्या नामों से पुकारा गया है?
उत्तर: इन्द्रप्रिय, अमृत, मधु, रसायन आदि

प्रश्न 100. ऋग्वेद में 'श्रद्धा' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
उत्तर: आस्था, विश्वास और यज्ञ-धर्म के प्रति समर्पण

प्रश्न 101. ऋग्वेद में 'धेनु' शब्द का सामान्यतः क्या अर्थ है?
उत्तर: गाय, विशेषतः उपयोगी, पवित्र और समृद्धि की प्रतीक

प्रश्न 102. ऋग्वेद में 'अंशु' शब्द का प्रयोग किसके लिए हुआ है?
उत्तर: सोमरस निकालने के लिए प्रयुक्त घास या रस

प्रश्न 103. ऋग्वेद में 'विश्वकर्मा' का अर्थ क्या है?
उत्तर: ब्रह्मांड का निर्माता या सर्वज्ञ शिल्पी

प्रश्न 104. ऋग्वेद में 'संध्या' किसका प्रतीक है?
उत्तर: दिन और रात्रि का संगम, प्राकृतिक क्रम की सुंदरता

प्रश्न 105. ऋग्वेद में 'यम' का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर: वैवस्वत

प्रश्न 106. ऋग्वेद में 'सामवेद' का क्या उल्लेख है?
उत्तर: गायनयुक्त यज्ञ की विधियों का संकेत, बाद में उससे सामवेद की रचना हुई

प्रश्न 107. ऋग्वेद में ‘ज्योति’ शब्द का प्रयोग किस भाव में हुआ है?
उत्तर: प्रकाश, ब्रह्मज्ञान, चेतना और अग्नि के अर्थों में

प्रश्न 108. ऋग्वेद में 'मातृशक्ति' का उल्लेख किस रूप में हुआ है?
उत्तर: पृथ्वी, उषा, सरस्वती, अरण्यानी, वाक् आदि देवी स्वरूपों में

प्रश्न 109. ऋग्वेद में कितनी प्रमुख नदियों का वर्णन हुआ है?
उत्तर: 20 से अधिक नदियाँ — सरस्वती, सिंधु, यमुना, ऋषिकुल्या, परुष्णी, वितस्ता आदि

प्रश्न 110. ऋग्वेद में वर्णित 'ऋत' का सर्वश्रेष्ठ अनुकरण किस देवता में हुआ है?
उत्तर: वरुण

प्रश्न 111. ऋग्वेद के अनुसार ‘राजा’ की शक्ति का स्रोत क्या था?
उत्तर: यज्ञ, इन्द्र की कृपा और प्रजा का समर्थन

प्रश्न 112. ऋग्वेद में ‘पुत्र की इच्छा’ की अभिव्यक्ति किस ऋषिका ने की?
उत्तर: घोषा

प्रश्न 113. ऋग्वेद में 'मित्रता' और 'समता' का विचार किस देवता से जुड़ा है?
उत्तर: मित्र

प्रश्न 114. ऋग्वेद में किस देवी को 'वाक्' अर्थात वाणी का रूप माना गया है?
उत्तर: सरस्वती और वाक् देवी

प्रश्न 115. ऋग्वेद में 'व्रत' शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता है?
उत्तर: देवताओं के नियम, आदेश और नैतिक आचरण के लिए

प्रश्न 116. ऋग्वेद में 'आश्विन' देवता किसके रक्षक माने गए हैं?
उत्तर: यात्रियों, रोगियों और यज्ञों के

प्रश्न 117. ऋग्वेद में ‘आपः’ शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर: जल या जलदेवी

प्रश्न 118. ऋग्वेद में किस सूक्त में ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते’ जैसे भाव प्रकट हुए हैं?
उत्तर: देवी सूक्त (10.125)

प्रश्न 119. ऋग्वेद में वर्णित 'भविष्य दृष्टा' ऋषि कौन माने गए हैं?
उत्तर: अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, भरद्वाज आदि

प्रश्न 120. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'प्रश्न' या 'संवाद' सूक्त किस स्वरूप में मिलते हैं?
उत्तर: ऋषि और ऋषिका अथवा देवताओं के बीच संवाद की शैली में

प्रश्न 121. ऋग्वेद में 'धृतव्रत' विशेषण किस देवता के लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: वरुण के लिए — जो नियमों के दृढ़ रक्षक माने गए हैं

प्रश्न 122. ऋग्वेद के किस मंडल में स्त्री ऋषियों के सूक्त अधिक संख्या में पाए जाते हैं?
उत्तर: 10वें मंडल में

प्रश्न 123. ऋग्वेद में 'महोत्सव', 'संगति', या 'सभा' जैसे शब्दों का उल्लेख किस अर्थ में है?
उत्तर: सामाजिक एकत्रीकरण, परिषद या निर्णय की प्रक्रिया के रूप में

प्रश्न 124. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'द्यु', 'अन्तरिक्ष', 'पृथ्वी' — ये किसके प्रतीक हैं?
उत्तर: त्रिलोक — आकाश, मध्य आकाश, और धरती

प्रश्न 125. ऋग्वेद में 'कुबीरा' या 'कुबेर' नामक किसी देवता का उल्लेख है क्या?
उत्तर: नहीं, ऋग्वेद में कुबेर का उल्लेख नहीं मिलता — यह उत्तर वैदिक अवधारणा है

प्रश्न 126. ऋग्वेद में 'राजसूय' या 'अश्वमेध' यज्ञ का उल्लेख है क्या?
उत्तर: प्रारंभिक रूप में संकेत मिलते हैं, लेकिन स्पष्ट रूप से वर्णन उत्तरवेदिक है

प्रश्न 127. ऋग्वेद में 'प्रजा' और 'जन' शब्द किस अर्थ में प्रयुक्त हुए हैं?
उत्तर: लोगों, समुदायों या जनसमूह के रूप में

प्रश्न 128. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'त्रिधातु' शब्द किनका द्योतक है?
उत्तर: द्युलोक, पृथ्वी और अन्तरिक्ष

प्रश्न 129. ऋग्वेद में ‘विश्वामित्र’ को कौन-सी नई खोज का श्रेय दिया जाता है?
उत्तर: गायत्री छंद और नदी परिवर्तन (सरस्वती की)

प्रश्न 130. ऋग्वेद में 'मनु' और 'यम' के बीच क्या संबंध बताया गया है?
उत्तर: मनु प्रथम मानव; यम प्रथम मृत; यम मनु का भाई माना गया है

प्रश्न 131. ऋग्वेद में 'हविर्भाग' किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: देवताओं के लिए अर्पित यज्ञ भाग (हविष्य)

प्रश्न 132. ऋग्वेद में ‘नदी-स्तुति’ सूक्त में किन नदियों का उल्लेख मिलता है?
उत्तर: सरस्वती, यमुना, गंगा, परुष्णी, शुतुद्रि, वितस्ता आदि

प्रश्न 133. ऋग्वेद में 'सप्तसिंधवः' किस भौगोलिक क्षेत्र को दर्शाता है?
उत्तर: पंजाब और उसके आसपास का क्षेत्र

प्रश्न 134. ऋग्वेद में किस देवता को 'शत्रुओं का संहारक' कहा गया है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 135. ऋग्वेद में ‘अग्नि’ को कितने प्रकार से देखा गया है?
उत्तर: 3 रूपों में — लौकिक अग्नि, यज्ञ अग्नि, और ब्रह्म तेज

प्रश्न 136. ऋग्वेद में ‘सहस्राक्ष’ विशेषण किस देवता के लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 137. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'संहिता' शब्द का क्या आशय है?
उत्तर: मंत्रों का क्रमबद्ध संकलन

प्रश्न 138. ऋग्वेद में ‘नाद’, ‘स्वर’, ‘छंद’ — इनका उपयोग किस लिए है?
उत्तर: वेद पाठ की लय, उच्चारण और मंत्र सामंजस्य के लिए

प्रश्न 139. ऋग्वेद में ‘यज्ञ’ की कितनी प्रमुख विधियाँ उल्लिखित हैं?
उत्तर: ऋग्वेद में यज्ञ के अनेक प्रकार के संकेत हैं, पर विधिवत वर्णन उत्तरवेदिक ग्रंथों में मिलता है

प्रश्न 140. ऋग्वेद में ‘पर्जन्य सूक्त’ किस पर केंद्रित है?
उत्तर: वर्षा के देवता पर्जन्य की स्तुति पर

प्रश्न 141. ऋग्वेद में 'आर्य' शब्द किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: श्रेष्ठ, सज्जन, धार्मिक और यज्ञीय जीवन जीने वाले व्यक्ति

प्रश्न 142. ऋग्वेद में 'अनार्य' शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
उत्तर: जो यज्ञ, धर्म, और सामाजिक नियमों का पालन नहीं करता — असभ्य या विरोधी

प्रश्न 143. ऋग्वेद में 'सोमरस' की प्राप्ति हेतु किस देवता की स्तुति अधिकतर की जाती है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 144. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'अहिताग्नि' का क्या अर्थ है?
उत्तर: जिसने अग्नि स्थापन किया है — यज्ञरत व्यक्ति

प्रश्न 145. ऋग्वेद में ‘यज्ञोपवीत’ या जनेऊ का प्रत्यक्ष उल्लेख मिलता है क्या?
उत्तर: प्रत्यक्ष नहीं, लेकिन 'उपवीति' जैसे शब्दों में संकेत है

प्रश्न 146. ऋग्वेद में ‘प्रथम पुरूष’ की अवधारणा किस सूक्त में मिलती है?
उत्तर: पुरुष सूक्त (10.90) — ब्रह्मांडीय पुरुष की कल्पना

प्रश्न 147. ऋग्वेद में 'दशराज्ञ युद्ध' में विजयी राजा कौन था?
उत्तर: सुदास

प्रश्न 148. ऋग्वेद में 'कवि' शब्द का क्या व्यापक अर्थ है?
उत्तर: ऋषि, ज्ञानी, दृष्टा — जो सत्य को देख सके

प्रश्न 149. ऋग्वेद के किस देवता को 'गिरा-वाण' कहा गया है?
उत्तर: बृहस्पति — वाणी और ज्ञान के देवता

प्रश्न 150. ऋग्वेद में ‘दया’ और ‘करुणा’ की भावना सबसे स्पष्ट रूप से किस स्त्री सूक्त में मिलती है?
उत्तर: आपाला सूक्त — रोग, सामाजिक पीड़ा और उसकी पुकार का भाव

प्रश्न 151. ऋग्वेद में ‘श्रद्धा’ को किस रूप में प्रस्तुत किया गया है?
उत्तर: यज्ञ, भक्ति और सत्य के प्रति दृढ़ विश्वास की भावना

प्रश्न 152. ऋग्वेद में 'सूर्य' को किन-किन विशेषणों से अलंकृत किया गया है?
उत्तर: पूषा, सप्ताश्वरथ, प्रकाशदाता, दृष्टा, जगत का चक्षु

प्रश्न 153. ऋग्वेद में 'यम' का संबंध किस लोक से है?
उत्तर: मृत्युलोक (पितृलोक) — मृतकों का अधिपति

प्रश्न 154. ऋग्वेद में 'धर्म' शब्द का मूल अर्थ क्या था?
उत्तर: जो धारित हो, नियम-सत्य पर आधारित आचरण

प्रश्न 155. ऋग्वेद में वर्णित 'मरुत' देवता कौन हैं?
उत्तर: वायु-तत्व से संबंधित योद्धा देवता; इन्द्र के सहयोगी

प्रश्न 156. ऋग्वेद में ‘प्रजापति’ को किस प्रकार का देवता माना गया है?
उत्तर: सृष्टिकर्ता, जो सबका पिता है

प्रश्न 157. ऋग्वेद में 'सरस्वती' को तीन रूपों में वर्णित किया गया है। वे क्या हैं?
उत्तर: नदी, ज्ञान/वाणी की देवी, और युद्धरूपा शक्ति

प्रश्न 158. ऋग्वेद में 'गायत्री' छंद में कितने वर्ण होते हैं?
उत्तर: 24 वर्ण

प्रश्न 159. ऋग्वेद में कौन-से ऋषि को 'देवकवि' कहा गया है?
उत्तर: बृहस्पति

प्रश्न 160. ऋग्वेद में 'अन्न' के लिए प्रयुक्त मुख्य शब्द क्या है?
उत्तर: अन्न, हविर्भाग, शाक, धान्य, ओषधि आदि

प्रश्न 171. ऋग्वेद में ‘वाचस्पति’ किसे कहा गया है?
उत्तर: वाणी के स्वामी – बृहस्पति

प्रश्न 172. ऋग्वेद में 'ऋषि' किसे कहा गया है?
उत्तर: जो दिव्य ज्ञान को दृष्टि के रूप में प्राप्त करता है (द्रष्टा)

प्रश्न 173. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'सोमपान' का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: सोमरस का यज्ञीय सेवन, विशेषतः इन्द्र व अन्य देवताओं द्वारा

प्रश्न 174. ऋग्वेद में 'मित्र' और 'वरुण' की जोड़ी किसके प्रतीक हैं?
उत्तर: सामाजिक अनुशासन (मित्र) और नैतिक न्याय (वरुण)

प्रश्न 175. ऋग्वेद में 'नदी' और 'देवी' के रूप में वर्णित सबसे महत्त्वपूर्ण स्त्री कौन है?
उत्तर: सरस्वती

प्रश्न 176. ऋग्वेद में 'नासत्य' किस देवता का नाम है?
उत्तर: अश्विनीकुमारों के एक जोड़े का – ‘नासत्य’ व ‘दस्र’

प्रश्न 177. ऋग्वेद में किस देवता को 'वज्र' का धारक बताया गया है?
उत्तर: इन्द्र

प्रश्न 178. ऋग्वेद में 'दधीचि' ऋषि को किस बात के लिए प्रसिद्ध बताया गया है?
उत्तर: अपनी अस्थियाँ देवताओं को देने हेतु – प्रतीक रूप में त्याग का आदर्श

प्रश्न 179. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'अहन्' शब्द का सामान्य अर्थ क्या है?
उत्तर: दिन

प्रश्न 180. ऋग्वेद में किस सूक्त को "ब्रह्माण्ड की सृष्टि रहस्य" का दार्शनिक संकेत माना जाता है?
उत्तर: नासदीय सूक्त (10.129)

प्रश्न 181. ऋग्वेद में 'अनृत' का अर्थ क्या है?
उत्तर: असत्य, अव्यवस्था, अधर्म

प्रश्न 182. ऋग्वेद में 'पर्जन्य' किस प्राकृतिक शक्ति के देवता हैं?
उत्तर: वर्षा

प्रश्न 183. ऋग्वेद में 'ऋतम्' और 'सत्य' में क्या भेद है?
उत्तर: ऋतम् – ब्रह्माण्डीय नियम; सत्य – व्यवहार में उसका पालन

प्रश्न 184. ऋग्वेद में 'पुरोहित' किसे कहा गया है?
उत्तर: यज्ञ का नेतृत्व करने वाले ब्राह्मण

प्रश्न 185. ऋग्वेद में 'यजमान' कौन होता है?
उत्तर: वह व्यक्ति जो यज्ञ का कर्ता होता है और आहुति देता है

प्रश्न 186. ऋग्वेद के अनुसार किस देवी को ‘मृत्यु से पुनर्जीवन देने वाली’ कहा गया है?
उत्तर: अश्विनीकुमारों द्वारा पूजित देवी (आपाला आदि के सन्दर्भ में)

प्रश्न 187. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'स्वाहा' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: यज्ञ की आहुति अर्पण करते समय उच्चारित मंत्र, "तुझको समर्पित"

प्रश्न 188. ऋग्वेद में वर्णित ‘भोग’ का स्रोत क्या बताया गया है?
उत्तर: यज्ञ, देवताओं की कृपा, और प्राकृतिक साधन

प्रश्न 189. ऋग्वेद में 'जन' शब्द का प्रयोग किस रूप में होता है?
उत्तर: समुदाय, जाति, कबीला, जनसमूह

प्रश्न 190. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'शक्ति' का संकेत किससे जुड़ा है?
उत्तर: देवी, अग्नि, वाणी और तप से

प्रश्न 191. ऋग्वेद में 'स्वर' और 'नाद' का क्या स्थान है?
उत्तर: वैदिक मंत्रों के लयबद्ध उच्चारण की पवित्र विधि

प्रश्न 192. ऋग्वेद में किस ऋषि को ‘राजर्षि’ कहा गया है?
उत्तर: विश्वामित्र

प्रश्न 193. ऋग्वेद में 'द्विज' शब्द का प्रयोग हुआ है क्या?
उत्तर: प्रत्यक्ष नहीं, पर यज्ञीय परंपरा में संकेत मिलता है (उत्तरवेदिक काल में स्पष्ट)

प्रश्न 194. ऋग्वेद में स्त्री की श्रेष्ठता का वर्णन किन सूक्तों में आता है?
उत्तर: देवी सूक्त, आपाला सूक्त, घोषा सूक्त, वाक् सूक्त आदि

प्रश्न 195. ऋग्वेद में प्रयुक्त 'पशु' शब्द का मुख्य तात्पर्य क्या था?
उत्तर: यज्ञीय पशु, गौ, धान्य-संपत्ति का प्रतीक

प्रश्न 196. ऋग्वेद के अनुसार ‘दैविक शक्ति’ प्राप्त करने का साधन क्या है?
उत्तर: यज्ञ, मंत्र, तप, श्रद्धा

प्रश्न 197. ऋग्वेद में किस देवता को ‘धन के रक्षक’ के रूप में दिखाया गया है?
उत्तर: पूषन्

प्रश्न 198. ऋग्वेद में 'महाशक्ति' का कौन-सा स्त्री रूप दिखाया गया है?
उत्तर: वाक् देवी (देवी सूक्त 10.125)

प्रश्न 199. ऋग्वेद के अनुसार जीवन का लक्ष्य क्या है?
उत्तर: ऋतम्, यज्ञ, देवपूजन, आत्मोत्थान

प्रश्न 200. ऋग्वेद की मूल भावना को एक शब्द में व्यक्त करें —
उत्तर: ऋतम् (सत्यनिष्ठ, ब्रह्माण्डीय व्यवस्था में सामंजस्यपूर्ण जीवन)

धन्यवाद 

आपको हमारा संकलन कैसा लगा कमेंट करके अवश्य बताइए।

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